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एनजीएमए मुंबई  |  एनजीएमए बंगलुरू

Saturday, September 20, 2014


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एनजीएमए बंगलुरू
इतिहास

माणिक्यवेल्यु मैनसन के सुप्रतिष्ठित ऐतिहासिक परिसर में अवस्थित है एनजीएमए की बंगलुरु शाखा जिसका उदघाटन 18 फरवरी को माननीय केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्रीमती अम्बिका सोनी द्वारा किया गया।

पैलेस रोड पर स्थित 90 वर्ष से अधिक प्राचीन माणिक्यवेल्यु मैनसन कभी मैसूर के राज परिवार की संपत्ति हुआ करती थी। कालांतर में इस पर राजा माणिक्यवेल्यु मुदलियार का अधिकार हो गया। श्री मुदलियार खदान मालिक हुआ करते थे। साठ के दशक के उत्तरार्द्ध में राज्य सरकार द्वारा इस मैनसन का अधिग्रहण कर जुलाई 1989 में संस्कृति मंत्रालय को सौंप दिया गया। उद्देश्य था एनजीएमए द्वारा बंगलुरू में आधुनिक कला के एक म्यूजियम की स्थापना और इस प्रकार 2001 में इसी परिसर में आधुनिक कला के म्यूजियम की आधारशिला रखी गई।

3.5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैला इस ऐतिहासिक भवन (मैनसन), एक विशाल आवासीय परिसर, को वेकटरामन एसोसिएट्स के संबद्ध सुप्रसिद्ध वास्तुशास्त्री नरेश नरसिम्हण ने एक म्यूजियम गैलरी का स्वरूप दे दिया। नए स्वरूप में प्रदर्शनी के लिए 1551 वर्ग मीटर स्थान की व्यवस्था की गई। साथ ही, इस ऐतिहासिक भवन में एक नया गैलरी ब्लॉक जोड़ दिया गया। इस प्रकार प्रदर्शनी के लिए 1260 वर्ग मीटर स्थान प्राप्त हुआ। नई वास्तुकला की रूपरेखा इस प्रकार की है कि एक आधुनिक म्यूजियम के लिए आवश्यक स्थान के साथ-साथ इसमें पारंपरिक भवन/मैनसन की शैली एवं परिवेश अपने मूल रूप में विद्यमान रहे। नई रूप-सज्जा के साथ एक सभागार, एक ओपन एयर थिएटर, एक रेफरेंस लाइब्रेरी, कार्यालय एवं कला भंडार, एक कैफेटेरिया, और म्यूजियम से संबद्ध बिक्री-सह-सुविधि केंद्र के साथ आज एनजीएमए बंगलुरु का एक महत्वपूर्ण कला एवं संस्कृति केंद्र बनने को तैयार है। एनजीएमए के नए प्रभाग/विंग के वास्तुशास्त्री मेसर्स टीईएएम को आंतरिक रूपसज्जा एवं प्रदर्शनी की बारीक व्यवस्था के लिए भरपूर सहयोग प्रदान किया गया।
 
 

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