साहित्य
के लिए
नोबल
पुरस्कार
(1913) से
सम्मानित
रवीन्द्रनाथ टैगोर (1861-1941)
का
जन्म एक
संपन्न बंगला
परिवार
में हुआ।
बहुमुखी
प्रतिभा
के धनी
श्री
टैगोर
सहज ही
कला के
कई
स्वरूपों
की ओर
आकृष्ट
हुए जैसे
साहित्य,
कविता,
नृत्य और
संगीत।
दुनिया
की
समकालीन
सांस्कृतिक
रुझान से
वे भली-भांति
अवगत थे।
साठ के
दशक के उत्तरार्द्ध
में
टैगोर की
चित्रकला
यात्रा
शुरु
हुई। यह
उनके
कवित्य
सजगता का
विस्तार
था।
हालांकि
उन्हें
कला की
कोई
औपचारिक
शिक्षा
नहीं
मिली थी
उन्होंने
एक सशक्त
एवं सहज
दृश्य
शब्दकोष
का विकास
कर लिया
था। श्री
टैगोर की
इस
उपलब्धि
के पीछे
आधुनिक
पाश्चात्य,
पुरातन
एवं
बाल्य
कला जैसे
दृश्य
कला के
विभिन्न
स्वरूपों
की उनकी
गहरी समझ
थी।
एक
अवचेतन
प्रक्रिया
के रूप
में आरंभ
टैगोर की
पांडुलिपियों
में
उभरती और
मिटती
रेखाएं
खास
स्वरूप
लेने
लगीं।
धीरे-धीरे
टैगोर ने
कई
चित्रों
को उकेरा जिनमें
कई बेहद
काल्पनिक
एवं
विचित्र
जानवरों,
मुखौटों,
रहस्यमयी
मानवीय
चेहरों,
गूढ़ भू-परिदृश्यों,
चिड़ियों
एवं
फूलों के
चित्र
थे। उनकी
कृतियों
में
फंतासी,
लयात्मकता
एवं
जीवंतता
का
अद्भुत
संगम
दिखता
है।
कल्पना
की शक्ति
ने उनकी
कला को
जो
विचित्रता
प्रदान
की उसकी
व्याख्या
शब्दों
में संभव
नहीं है।
कभी-कभी
तो ये
अप्राकृतिक
रूप से
रहस्यमयी
और कुछ
धुंधली
याद
दिलाते
हैं।
तकनीकी
रूप में
टैगोर ने
सर्जनात्मक
स्वतंत्रता
का आनंद
लिया।
उनके पास
कई
उद्वेलित
करने
वाले
विषय थे
जिनको
लेकर
बेशक कैनवस पर रंगीन
रोशनाई
से लिपा-पुता
चित्र
बनाने
में भी
उन्हें
हिचक
नहीं
हुई।
रोशनाई
से बने
उनके
चित्र
में एक
स्वच्छंदता
दिखती है
जिसके
तहत कूची,
कपड़ा,
रूई के
फाहों,
और यहां
तक कि
अंगुलियों
के बखूबी
इस्तेमाल
किए गए
हैं।
टैगोर के
लिए कला मनुष्य
को
दुनिया
से
जोड़ने
का
माध्यम
है।
आधुनिकवादी
होने के
नाते
टैगोर
विशेष कर
कला के
क्षेत्र
में पूरी
तरह
समकालीन
थे।
रविंद्रनाथ टैगोर
डांसिंग वोमन, कागज पर रोशनाई, 26 X36.5 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
लेडी विद फ्लावर्स, कागज पर वाटरकलर, 22 X 35 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
फेस, कागज पर रोशनाई, 27 X41 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
लैण्डस्केप, कागज पर पैस्टल, 24 X16.7 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
लैण्डस्केप, क्रेयॉन, 49.5 X32.4 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
वीमेंस फेस, कागज पर रोशनाई, 50.8 X53 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
हेड स्टडी क्रेयॉन, 17.3 X25 सेमी
रविंद्रनाथ टैगोर
हेड स्टडी, कागज पर कलम एवं रोशनाई, 21 X28 सेमी
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